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National Ambelam

इस्‍पात मंत्रालय
भारत सरकार
IS/ISO 9001:2008
गुणता प्रबंध पद्धति प्रमाणन

भारतीय लोहा और इस्‍पात उद्योग में अनुसंधान एवं विकास की प्रोन्‍नति

भूमिका:

भारत में लोहा और इस्‍पात क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास का कार्य मुख्‍यत: लोहा और इस्‍पात संयंत्रों द्वारा स्‍वयं, राष्‍ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं, शैक्षिक संस्‍थाओं आदि द्वारा किया जाता है। यद्यपि लोहा और इस्‍पात प्रौद्योगिकी के विभिन्‍न क्षेत्रों में मार्जिनल सुधार कार्य किया गया है फिरभी कुल मिलाकर इनकी पहलकदमियों को अपर्याप्‍त समझा जा सकता है। इस उद्योग की विशेष समस्‍याओं का निपटान करने के लिए घरेलू प्रौद्योगिकी के मैलिक अनुसंधान एवं विकास कार्यों में बहुत ही कम उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

गत समय में देश में अनेक बड़े इस्‍पात संयंत्रों की स्‍थापना की गई है और वे धीरे-धीरे अपनी तकनीकी समस्‍याओं का निदान करने के लिए आंतरिक स्‍तर पर आर एंड डी कार्य करने के लिए उपयुक्‍त अवसंरचना की भी स्‍थापना कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश आर एंड डी परियोजनाएं देश की दिन-प्रतिदिन की समस्‍याओं तक ही सीमित रह गई हैं और उन्‍हें प्रमुख रूप से संवर्धक विकास की ओर उन्‍मुख किया जा रहा है। जैसाकि पाथ ब्रेकिंग टैक्‍नोलॉजी के विकास हेतु विच्‍छेदक आर एंड डी के लिए की गई पहलकदमियां सीमित हैं। सामान्‍यतया भारतीय इस्‍पात उद्योग में अनुसंधान एवं विकास में निवेश सीमित रहा है। वास्‍तविक निवेश जैसाकि निम्‍न तालिका से स्‍पष्‍ट है, बिक्री कारोबार की 0.15-0.25 प्रतिशत की श्रेणी में भिन्‍न-भिन्‍न रहा है (तालिका-1)। कुछेक विदेशी इस्‍पात संयंत्रों में किए गए आर एंड डी निवेश की तुलना में यह अत्‍यधिक कम है (तालिका-2)। देश के हितों को ध्‍यान में रखते हुए इस परिदृश्‍य में फेरबदल करने की आवश्‍यकता है।

तालिका-1 भारत में आर एंड डी निवेश (करोड़ रूपए और कारोबार का प्रतिशत के रूप में)

कंपनी

2005-06

2006-07

2007-08

2008-09

2009-10

सेल

62.4(0.19 % )

76.8(0.20 % )

101.86(0.22 % )

118.2(0.24 % )

107.3(0.24 % )

आरआईएनएल

10.4(0.12 % )

11.7(0.13 % )

17.9(0.17 % )

17.4(0.16 % )

12.7(0.12 % )

टाटा स्‍टील

25.4(0.21 % )

33(0.24 % )

42.2(0.21 % )

39.2(0.20 % )

48.8(0.21 % )

जेएसपीएल

1.74(0.06 % )

2.76(0.7 % )

3.36(0.6 % )

3.14(0.04 % )

3.3(अप्रयोज्‍य)

एस्‍सार स्‍टील

2.87(0.45 % )

9.9(0.11 % )

13.77(0.12 % )

15.14(0.12 % )

18.4(0.17 % )

जेएसडब्‍लयू स्‍टील

--

--

14.86(0.13 % )

12.28(0.09 % )

9.14(0.6 % )

 

तालिका:2 बिक्री कारोबार के प्रतिशत के रूप में विश्‍व स्‍तरीय इस्‍पात कंपनियों का आर एंड डी व्‍यय ( % )

कंपनी का नाम

देश

2008-09

2009-10

निप्‍पोन स्‍टील

जापान

0.9

1.0

जेएफई

जापान

1.1

1.1

पोस्‍को

दक्षिणी कोरिया

1.2

1.3

थाईसीन क्रुप

जर्मनी

0.6

0.7

कोबे स्‍टील

जापान

1.4

1.4

आर्सलर मित्‍तल

लग्‍जमबर्ग

0.2

0.4

सुमिटोमो मेटल

जापान

1.2

1.2

बोआ स्‍टील

चीन

1.2

1.7

 

स्रोत: डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस, इनोवेशन एंड स्किल्‍स, गवर्नेमेंट ऑफ यूके ( www.bis.gov.uk/randscoreboard )

देश में उत्‍पादन क्षमता में वृद्धि करने के साथ भारतीय इस्‍पात उद्योग को विश्‍वस्‍तरीय अर्थव्‍यवस्‍था में मौजूद प्रतिस्‍पर्धा में बने रहने के लिए नए उत्‍पादों/प्रक्रियाओं/प्रौद्योगिकी का विकास करने की अत्‍यधिक आवश्‍यकता है। भारत में लोहा और इस्‍पात का उत्‍पादन करने के लिए कच्‍ची सामग्री के पर्याप्‍त संसाधन और बाजार में सुविधापूर्ण अवसर प्राप्‍त हैं। आर एंड डी नवीकरण और प्रौद्योगिकी के जरिए घरेलू कच्‍ची सामग्री के अर्जन और मूल्‍यसंर्धन की अत्‍यधिक आवश्‍यकता है।

आर एंड डी की प्रोन्‍नति के लिए इस्‍पात मंत्रालय द्वारा की गई पहलकदमियां

आर एंड डी पर और अधिक महत्‍व देने के लिए इस्‍पात मंत्रालय निम्‍न लिखित दो योजनाओं के अंतर्गत वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध करवाकर सरकारी एवं निजी दोनों इस्‍पात क्षेत्रो में अनुसंधान एवं विकास कार्यविधियों को प्रोत्‍साहन दे रहा है (और अधिक जानकारी के लिए विशिष्‍ट लिंक पर क्लिक करें):

(क) इस्‍पात विकास निधि (एसडीएफ) से आर एंड डी

(ख) सरकारी बजटीय सहायता (जीबीएस) से आर एंड डी

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